दण्डकारण्य क्षेत्र के बस्तर स्थित दुर्गकोंदल में जन्मे श्री डॉ. अशोक हरिवंश 'भैया जी ' वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन में ज्वाइंट कमिश्नर पद पर नियुक्त हैं।
राजनीति शास्त्र, मानव संसाधन प्रबंधन एवं मानवाधिकार विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त भैया जी प्रशासन में एक उत्कृष्ट अधिकारी के रूप में विख्यात हैं।
जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य की कृपा एवं माता-पिता के निर्देश से विगत पाँच वर्षों से भैया जी ने "राम और राष्ट्र एक " मंत्र को जीवन का ध्येय सुनिश्चित किया है। धर्म पथ पर अग्रसर होते हुए श्री रामकथा वाचक के रूप में वे निरन्तर भारतीय मूल्यों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
भारतीय संस्कृति एवं विरासत की पुनर्स्थापना हेतु प्रयास करना, धर्मान्तरण के विरुद्ध तथा नशामुक्ति हेतु अभियान का संचालन, देश के हर घर में श्रीरामचरितमानस एवं श्रीमद्भगवद्गीता का होना सुनिश्चित करने हेतु, हिंदू धार्मिक ग्रंथों के यह शांत वातावरण में भारतीय आश्रम के अनुभव भी प्रदान करता है।
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राम मिलेंगे के अभियान में डॉ. अशोक हरिवंश द्वारा की जाने वाली कथा में डॉ. अशोक हरिवंश द्वारा कोई धन आदि नहीं लिया जाता है। पिता श्री हरिवंश चतुर्वेदी का आदेश है, कि श्रीराम कथा से प्राप्त किसी भी राशि, चढ़ावे का उपयोग स्वयं के जीवन हेतु नहीं करेंगे।
प्रकल्पों के विकास हेतु संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर "श्री राघव सेवा समिति” कार्य करती है। समिति को सहयोग देने की अपेक्षा समाज से है। समाज से प्राप्त सहयोग ही समिति और आश्रम की सफलता का आधार है। समिति को सहयोग प्रदाय हेतु विवरण निम्नानुसार है।